
- साइबर ठगी: एडीजे ने अग्रिम जमानत देने से किया इंकार, विवेचना में लापरवाही पर विवेचक तलब
अयोध्या। सेना के एक भगोड़े हवलदार ने डोगरा रेजीमेंटल सेंटर के चार जवानों को साइबर ठगी का शिकार बना लिया। सभी का लोन करवा 50 लाख रुपया हड़प लिया। मामले में एसएसपी से शिकायत के बाद कैंट थाना पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की लेकिन मामला आईटी एक्ट में ही निपटाने की कोशिश की। आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका अदालत में दाखिल की तो अदालत ने पत्रावली तलब की । साइबर ठगी से जुड़ा गंभीर मामला होने के कारण अग्रिम जमानत नामंजूर करते हुए विवेचक को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
डोगरा के रिकॉर्ड्स में तैनात हवलदार ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
मामले में एसएसपी को शिकायत देकर डोगरा के रिकॉर्ड्स में तैनात हवलदार विनय कुमार पुत्र जसबीत सिंह निवासी ग्राम देहरा हटवाड, घुमारवीं, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश ने सागर गुलेरिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।आरोप लगाया था कि 11 नवंबर 25 को दोस्त रिया ठाकुर के माध्यम से सागर ने उससे आर्मी के लोन की जानकारी के लिए बात की। खुद को आर्मी के एएडी रेजिमेंट में तैनात हवलदार क्लर्क बताया औरपर्सनल लोन को एजीआईएफ लोन में बदलवा देने की बात कही।इंकार करने पर लगातार फोन करता रहा। मैने उसको खुद का लोन करा लेने को कहा तो उसने सब्सिडी का लालच देकर 19 नवंबर 25 को मेरा एसबीआई से 15 लाख रूपए लोन करवा दिया और एजीआईएफ में बदले जाने की कई मेल भी भेजी। पुष्टि के लिए झांसा देकर बैंक डिटेल हासिल कर लिया। विश्वास जीतने के लिए शुरुआत में किश्त भी जमा की और खुद को कैप्टन बताते हुए वर्दी में फोटो भी भेजी।
इसी तरह उसने साथी हवलदार सुरिन्दर कुमार निवासी टिल्लनवाली, जिला फाजिल्का,पंजाब का 15.20 लाख,हवलदार विक्रांत पठानिया निवासी गांव पक्का टियाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश का 13:50 लाख और नायक शशिकांत यादव निवासी ग्राम खिजीपुर अलीनगर थाना जमानिया,जिला गाजीपुर उत्तर प्रदेश का 11 लाख कुल 54 लाख 70 हजार रूपये का लोन करवा दिया। सभी की रकम मेरे अकाउंट में डाल अलग-अलग जगह भेज दिया। ठगे जाने की जानकारी पर दबाव बनाया तो विक्रांत पठानिया को 2.90 लाख रुपए भेजा। तहकीकात में पता चला कि यह पहले भी कैप्टन की वर्दी पहन अपराध कर चुका है और पंचकूला में गिरफ्तार हुआ था। सेना में हवलदार पद पर तैनात सागर 2024 में सेना से भाग गया था।
अदालत ने विवेचक को किया तलब
लोक अभियोजक ज्ञानेश चंद्र पांडेय और रोहित पांडेय ने बताया कि अभियोजन के विरोध अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय ने आरोपी सागर गुलेरिया निवासी उजाला नगर, जिला जालंधर, पंजाब की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी। साथ ही केस डायरी के अवलोकन में विवेचना के दौरान गंभीर त्रुटि किए जाने के कारण मामले के विवेचक को व्यतिगत रूप से हाजिर होने का आदेश दिया है।
